इंसान यार अजीब प्राणी है जब कोई व्यक्ति उसके पास होता है तो कोई कद्र नहीं जब वही व्यक्ति दूर या छोड़ के चला जाए तो miss you
यार जो भी इंसान आपके पास हो उनकी कद्र करो यार पैसे को इंसान कमाता है पैसा इंसान को थोड़ी ही कमाता है भाई।।
यार भलेगी ही दुश्मन हो जब वो आपकी गली भी छोड़ दे तो भी महसूस होता है की यार क्या हुआ।।
देखा जो आया है उनका जाना तो निश्चित है तो फिर किस बात का अहंकार है।।
एक और यदि सब का इसी मिट्टी में मिलना तय है चाहे कितने की सुंदर क्योंनी हों अगर आपकी की कोई मासूमियत देखर आप का मित्र बन जाता है तो इतना भ्रम क्यों आपकी की असली मशूमियत का तो जब पता चलेगा जब आपकी बात का आदान प्रदान होगा।।
जो आप अपने लिए बनाते हो वो मशुमियत तो भगवान ने दी है यार
Aaj ke liye utna hi
Thanks for reading my blog ♥️♥️
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