मान लिया कि तू इतनी हसीन है ए जिंदगी पर किसी को
खुसी तो किसी को गम देती है जिंदगी।
जब सब स्वर स्वर के जा रहे थे अपने मुकाम की ओर तो हमें भी चलना शुरू किया पर क्या करे जब हमारी बारी आई तो उसने वजूद ही बदल दिया।
क्या कहूं ए जिंदगी तुझे क्यू की तूने ही तो मुझे इन कठीन रास्तों पर चलना सिखाया है जिंदगी
हारा नही हु में पर ए हुस्न में भी तो यार इंसान ही तो हूं रास्ते भलेही कठिन दे पर मुकाम बेमिसाल देना ए जिन्दगी
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